शाहरुख़ और अंबानी कैंप की नजदीकियों को बिगाडा आई.पी.एल. ने.
10 अप्रेल 2009 से आई.पी.एल. का दूसरा सीजन शुरू हो रहा है! टूर्नामेंट की तारीख तय होते ही फ्रेंचाइज और खिलाडियों के साथ-साथ भारतीय क्रिकेट बोर्ड में भी तेजी आ गई है! इसकी वजह का अंदाजा लगना मुश्किल नही! आखिरकार बोर्ड ने आई.पी.एल. की बदौलत लगभग 350 करोड़ रुपये अपने खजाने में डाले! यह कितना बड़ा टूर्नामेंट था इसका अंदाजा इसके ब्रोडकॉस्टर सैट मैक्स की 300 करोड़ रुपये की विज्ञापन की कमाई से ही लगा सकते है!
आई.पी.एल के पहले सीजन को इन्ही बड़े-बड़े आंकडो के लिए याद किया जाता है और कोई यह नही देखता कि आई.पी.एल. ने दूरियाँ कितनी बढाई? मैदान की घटनाओं के कारण आई.पी.एल. को 'इंडियन प्रोब्लम लीग' का नाम मिला तो मैदान के बाहर की घटनाए भी कम नही थी! जैसे-जैसे दूसरा सीजन नजदीक आ रहा है- पिटारा फ़िर खुल रहा है!
बोर्ड टूर्नामेंट की बड़ी सफलता का नाम देता है लेकिन बड़ी कमाई के बीच जुड़े विवाद कैसे नजरअंदाज कर दे? ज्यादा पुरानी बात नही जब मुकेश अंबानी और उनकी पत्नी नीता ने शाहरुख़ से दोस्ती को इतना महत्त्व दिया कि अपने घर पर उसका जन्मदिन मनाया! आई.पी.एल. में शाहरुख़ की कोलकाता नाईट राइडर्स और मुकेश अंबानी की मुम्बई इंडियंस का मैच हुआ तो यह दोस्ती एकदम हवा हो चुकी थी- दोनों ने एक दूसरे से मिलने की औपचारिकता भी नही निभाई!
सीनियर अंबानी परिवार को आई.पी.एल. में झटका एक और सुपरस्टार ने भी दिया! टीम के साथ शाहरुख़ खान और प्रीति जिंटा का नाम जुडा हो तो एकदम ग्लेमर बढ़ जाता है! विजय माल्या बैंगलूर टीम के लिए कैटरीना कैफ को ले आए जबकि दिल्ली डेयर डेविल्स ने अक्षय कुमार को जोड़ा! तब मुंबई इंडियंस को एहसास हुआ कि अकेले सचिन के नाम से काम नही चलने वाला! उन्हें भी एक सुपरस्टार की जरुरत थी!
कहते है कि जितना पैसा एक प्रोमोशन फ़िल्म के लिए ऋतिक ने लिया उतना तो ब्रेंड एम्बेसडर को भी नही मिलता.
लगते हाथ मौका मिला.
तब ऋतिक रोशन के साथ कांट्रेक्ट किया! जो प्रोमोशन फ़िल्म बनी आपने भी देखी होगी- अंबानी कैंप के सूत्रो के अनुसार ऋतिक ने इसके लिए उम्मीद से कई गुना ज्यादा पैसा लिया! इतना तो बड़े-बड़े स्टार नही मांगते! अंबानी कैंप ने उसे यह पैसा भी दिया लेकिन गलती यह हुई कि ऋतिक के साथ यह तय नही किया कि किस-किस काम का कांट्रेक्ट दे रहे है! ऋतिक ने प्रोमोशन फ़िल्म की शूटिंग के बाद पल्ला झाड़ लिया और जब मुंबई इंडियंस ने उसे मैचो के दौरान टीम के साथ रहने (जैसे कैटरीना मौजूद रहती थी बैंगलूर के मैचो में) के लिए कहा तो उसने इनकार कर दिया- यह भी करना है तो और पैसे दो! व्यापार के माहिर अंबानी कैंप के लोग ऋतिक के कांट्रेक्ट में सही शर्ते लिखने में मात खा गए- अपने आप मान लिया कि इतनी बड़ी रकम ले रहा है तो ब्रेंड एम्बेसडर तो बन ही गया!
आई.पी.एल. के आखिरी दिनों में स्टेडियम में अंबानी कैंप में आमिर खान को देखा गया वह भी सुपर स्टार है! क्या आई.पी.एल. के दूसरे सीजन में वह मुंबई इंडियंस का ब्रेंड एम्बेसडर होगा? आई.पी.एल. को सफलता में बदलने में ख़ास भूमिका निभाने वाले ललित मोदी की भी कई तरह चर्चा रही! यह तो पहले सीजन से पहले ही चर्चा में आ गया था कि मोदी कई टीम से नजदीक से जुड़े है! फिल्मी पत्रिकाओं ने प्रीति जिंटा के साथ 'दोस्ती' को खूब उछाला! यहाँ तक कि जब एक ही दिन पंजाब और राजस्थान की टीम अलग-अलग शहर में खेल रही थी तो मोदी अपनी(राजस्थान) टीम छोड़कर प्रीति जिंटा की टीम का मैच देख रहे थे!
क्या यह एक महज संयोग है कि जिस फ्रेंचाईज ने सबसे कम पैसा दिया उसी ने सबसे समझदारी से क्रिकेटर ख़रीदे और यहाँ भी सबसे कम पैसा खर्च किया- वही आख़िर में चैम्पियन बन गई! यह ललित मोदी की राजस्थान रोयल्स थी और अब ऐसे तथ्य सामने आ चुके है जिनसे यह साबित होता है कि मोदी राजस्थान रोयल्स के साथ और नजदीक से जुड़े थे!
अनिल अंबानी लगभग 240 करोड़ रुपये के टेंडर से अहमदाबाद फ्रेंचाइज को नही ले पाये लेकिन एमर्जिंग मीडिया ने 268 करोड़ रुपये में जयपुर फ्रेंचाइज को ले लिया! अनिल अंबानी कैंप के सूत्र कहते है कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नही दी गई कि टेंडर की रकम बढ़ा सकते है- 240 करोड़ से 268 करोड़ पर पंहुचना ज्यादा मुश्किल नही था! क्या यह सिर्फ़ संयोग है कि जिस टीम के साथ मोदी जुड़े, वही सबसे सस्ते में बिकी और फ्रेंचाईज ने सबसे कम पैसा दिया!
आपको याद होगा कि जयपुर टीम के फ्रेंचाइज एमर्जिंग मीडिया ने खिलाडियों के पहले नीलाम में तय रकम को भी खर्च नही किया! तब पता लगा कि दूसरा नीलाम भी होगा और पैसा उसमे काम आएगा! अन्य टीम की दलील थी कि उन्हें तो यह भी नही मालूम था कि खिलाडियों का दूसरा नीलम होगा अन्यथा वे भी पैसा बचाते और जो मिल रहा है उसे न खरीदते! ऐसा क्यो हुआ कि राजस्थान रोयल्स के अधिकारियो को आई.पी.एल. के सभी तकनीकी नियम बिल्कुल सही-सही मालूम थे!
सूत्र तो यहाँ तक कहते है कि मोदी का अपना पैसा आई.पी.एल. की तीन टीम में लगा है- राजस्थान रोयल्स जिसके फ्रेंचाइज में से एक उसके 'ब्रदर इन लॉ' है, किंग्स इलेवन- जिसके मालिको में से एक डॉबर के मोहित बर्मन के भाई की शादी मोदी की 'स्टेप डॉटर' के साथ हुई और कोलकाता नाइट राइडर्स!
आई.पी.एल का पहला सीजन तो निकल गया लेकिन अब अन्य फ्रेंचाइज भी टूर्नामेंट के तकनीकी नियमो को समझ चुकी है और हर फ्रंट पर मुकाबले के लिए तैयार है!
बेंगलूर में माहौल कितना बिगडा यह किसी से छिपा नही! टूर्नामेंट के बिच में विजय माल्या ने सी.ई.ओ. चारू शर्मा को निकाल दिया! और तो और खुलेआम कप्तान में अविश्वास जाहिर कर दिया! अपने बेकार दोस्तों को खिलाने का आरोप द्रविड़ पर लगा दिया! हालत इतने ख़राब थे कि द्रविड़, कुम्बले और वेंकटेश प्रसाद(कोच) बगावत के लिए तैयार थे- बंद दरवाजे में कोई 'समझौता' हुआ और तभी बात आगे चली!
गांगुली ने शालीनता निभाई और शाहरुख़ के साथ अनबन की चर्चाओं का कोई जवाब नही दिया.
शाहरुख़ और गांगुली के बीच झड़प भी खूब चर्चा में रही! गांगुली ने शालीनता निभाते हुए मीडिया में किसी बात का जवाब नही दिया! जब टीम जीत रही थी तो दोनों साथ-साथ नजर आते थे! जिस रात मुंबई में मुंबई इंडियंस से नाइट राइडर्स हारे- शाहरुख़ अपने कप्तान से मिला तक नही! मैच के बाद की पार्टी को भी फ़ौरन रद्द कर दिया!
आपको याद होगा कि कोलकाता नाइट राइडर्स ने टूर्नामेंट के बीच में शोएब अखतर को (प्रतिबंध में रिहायत मिलते ही) शामिल किया था- अब यह बात सामने आ चुकी है कि हर कोई शोएब को उस मुकाम पर टीम में लिए जाने को सही नही मान रहा था! कहा तो यह गया कि शाहरुख़ से दोस्ती की वजह से सोएब टीम में आया- शाहरुख़ के सूत्र कहते है कि विवादों की वजह से वह तो चाहता ही नही था कि सोएब टीम में आए!
शोएब ने वायदा किया कि वह ड्रग्स नही लेता! इतना ही नही शाहरुख़ ने शोएब को कह दिया था कि वह फिट नही है! फ़िर भी कई खिलाडियों ने उसे टीम में लेने की जिद की! टूर्नामेंट के बीच में जैसे ही शोएब के बैग से सिरिंज निकालने की बात सामने आई- शोएब उसके बाद कोई मैच नही खेला क्योकि उसे डर था कि खेलेगा तो ड्रग टेस्ट होगा और उसमे पकड़ा जाएगा!
गांगुली से शाहरुख़ खुश नही- इस ख़बर को एक स्केंडल की तरह सबसे पहले 'द टाइम्स ऑफ़ इंडिया' ने अपने पहले पेज पर छापा था! इसके बाद यह ख़बर आग की तरह फ़ैल गई! उस ख़बर में लिखा था कि शाहरुख़ की नाराजगी इसलिए है कि गांगुली उसे बंगाल के मुख्यमंत्री से कहकर टैक्स में रिहायत नही दिलवा रहा!
शाहरुख़ के कैंप के अनुसार यह ख़बर बिलकुल ग़लत थी- शाहरुख़ ने टैक्स की किसी रिहायत के लिए गांगुली से नही कहा था! टाइम्स ऑफ़ इंडिया जैसी अखबार से इस तरह की उसे उम्मीद नही थी! इसीलिए शाहरुख़ ने इस ख़बर पर अपना स्पष्टीकरण भी नही दिया लेकिन इसके बाद यह तय कर लिया कि इस ग्रुप के किसी भी प्रकाशन के साथ किसी तरह का नाता नही रखेगा!
फिल्मी एवार्ड नाइट का सीजन शुरू होने वाला है और फ़िल्म फेयर एवार्ड उसमे ख़ास है! शाहरुख़ फ़िल्म फेयर अवार्ड का एंकर है! अब सवाल यह है कि क्या इस साल भी फ़िल्म फेयर एवार्ड में एंकर होगा वजह: फ़िल्म फेयर भी तो टाइम्स ऑफ़ इंडिया ग्रुप की है!
क्या लक्ष्मण को उसके फ़ैल होने के कारण ही- 'चोटिल' घोषित कर दिया था? अब आने वाले सीजन में डेक्कन चारजर्स की कप्तानी भी छीन गई.
बेंगलूर फ्रेंचाइज की तरह जिस एक और टीम का प्रदर्शन सबसे ख़राब रहा वह डेक्कन चारजर्स(हैदराबाद) थी! टूर्नामेंट के बीच में ख़राब फिटनैस की वजह से नियमित कप्तान बाहर हुआ तो कप्तानी मिल गई एडम गिलक्रिस्ट को! लक्ष्मण को क्या हुआ था? सूत्र कहते है कि लक्ष्मण को बता दिया था कि अब उसके साथ काम नही चलने वाला और उसकी बल्लेबाजी से टीम को कोई फायदा नही हो रहा- इसीलिए लक्ष्मण चोटिल हो गया!
इस धारणा की पुष्टि की शहीद अफरीदी ने! डेक्कन चारजर्स के लिए खेले अफरीदी ने कहा कि लक्ष्मण किसी को भी प्रेरणा देने वाला कप्तान नही रहा था और अगर आई.पी.एल. के दूसरे सीजन में डेक्कन चारजर्स को खेल सुधारना है तो शुरू से गिलक्रिस्ट को कप्तान बनाए! जियो न्यूज को एक इंटरव्यू में अफरीदी ने कहा- "मैच के बीच में कई बार ऐसा हुआ कि लक्ष्मण को पता ही नही कि क्या हो रहा है? ट्वंटी 20 क्रिकेट उसके बस की बात नही! इस तरह की क्रिकेट के लिए गिलक्रिस्ट फिट है! रोहित शर्मा के साथ गिलक्रिस्ट टूर्नामेंट के सबसे सफल बल्लेबाजो में से एक था और साथी खिलाडियों को भी बहुत अच्छी सलाह देता है!"
वैसे अफरीदी ने यह बात कह तो दी जबकि आई.पी.एल. में उसने 10 पारी में सिर्फ़ 81 रन बनाए! इसकी तुलना में लक्ष्मण जिन 6 मैच में खेला उनमे 155 रन बनाए! ऐसे में लक्ष्मण का भड़कना स्वाभाविक ही था- "कोई अफरीदी को यह क्यो नही बताता कि कोई भी कप्तान उतना ही अच्छा होता है जितनी अच्छी उसकी टीम! मैंने डेक्कन चारजर्स की हार का दोष किसी एक खिलाड़ी को नही दिया- यह पूरी टीम की असफलता थी!"
लक्ष्मण ने आगे कहा- "अफरीदी यह तक नही जानता टीम शिष्टाचार क्या होता है? उसे इस तरह यूं मेरे सामने सवाल खडा करने का कोई अधिकार नही! टीम की नाकामयाबी में उसका अपना भी पूरा योगदान था और अब सिर्फ़ कप्तान को दोष दे रहा है!"
डेक्कन चारजर्स ने इन दोनों सीनियर क्रिकेटरों के बीच बहस की जांच के आदेश दिए है! इस जांच में और भी कई पिटारे खुले तो कोई हैरानी नही होगी!
इसकी तुलना में अंबानी ग्रुप ने मुंबई इंडियंस की असफलता का दोष किसी भी तरह सचिन तेंदुलकर को नही दिया! वह टीम का सबसे कीमती खिलाड़ी था! आधे टूर्नामेंट में खेला नही और आधे टूर्नामेंट में किसी मामूली दर्जे के क्रिकेटर से बेहतर नही था! मुंबई कैंप के अनुसार अम्बानी ग्रुप ने उसे अहसास दिला दिया था कि यूं सिर्फ़ पैवेलियन में बैठकर करोडो रुपये लेने के बारे में न सोचे- उसे खेलना होगा! इसीलिए सचिन ने एकदम अपने आप को 'फिट' घोषित कर दिया और खेलने लगा!
टीम फ्रेंचाइज की पार्टी छोड़कर, सेमीफाइनल से पहले पूरी रात किसी और पार्टी में था युवराज सिंह.
जहाँ एक तरफ़ इस तरह के विवाद चर्चा में थे- प्रीटी जिंटा का अपनी टीम की हर जीत के बाद मैदान में ही खिलाडियों को गले लगाना और चूमना खूब चर्चा में रहा! यही प्रीटी हार के बाद एकदम बदल गई! मुंबई में चेन्नई-पंजाब सेमीफाइनल से पहले उसने एक छोटी पार्टी रखी! युवराज उस पार्टी के बीच में गायब हो गया- इस दलील के साथ कि अगले दिन के मैच के लिए पूरे आराम की जरुरत है! उसकी इस 'लगन' की प्रीटी ने पार्टी से उसके जाने के बाद तारीफ़ भी की थी!
अगले ही दिन प्रीटी को पता लग गया कि युवराज वहा से निकल कर कमरे में नही गया था- किसी और पार्टी में शामिल होने गया था और होटल तो उस समय पहुँचा जब दिन निकालने वाला था! कहते है कि प्रीटी अपने गुस्से पर काबू नही रख पाई और सेमीफाइनल से पहले युवराज को बाउंसर की तरह गुस्से का नमूना दिखा दिया था! इसके बाद पंजाब की टीम सेमीफाइनल हार गई और क्या होगा इसका अंदाजा लगा सकते है!
अभी तो श्रीसंथ-हरभजन स्लेपगेट की चर्चा नही हो रही! उछालने को तो फिरोजशाह कोटला में ही दिल्ली के क्रिकेटर वीरेंदर सहवाग पर पत्थर फेंकने का मामला कम नही था! द्रविड़ ने इसका नमूना मुंबई में देखा- वह यह देखकर हैरान रह गया कि उसके चौक्के पर भी कोई ताली बजाने वाला नही था! यही हाल धोनी का वहाँ हुआ- जैसे ही बड़े स्क्रीन पर तस्वीर आती थी तो दर्शक 'बॉय बॉय' चिल्लाते थे! आखिरकार ये सभी भारत की टीम के क्रिकेटर है और भारत में ही खेल रहे थे!
आखिरकार ऐसा क्या हुआ कि आई.पी.एल. के पहले सीजन के 45 दिन ने एकदम समीकरण बदल दिए और पुरानी दोस्ती ख़त्म कर दी! ऋतिक रोशन के न मानने पर मुंबई कैंप ने 'टशन' फ़िल्म के साथ कांट्रेक्ट किया जिसकी बदौलत अनिल कपूर, सैफ अली खान और करीना कपूर उनके कैंप में नजर आए! मशहूर मुंबई इंडियंस-कोलकाता नाइट राइडर्स मैच में जायद खान को मुंबई इंडियंस के कैंप में देखा गया! कहते है कि इस बात पर शाहरुख़ बहुत नाराज था क्योकि उसने 'मै हूँ ना' फ़िल्म में उसे एक अच्छी भूमिका दिलाई थी!
आई.पी.एल. एक बड़ा टूर्नामेंट है! बोर्ड के लिए बहुत बड़ी रकम लाया लेकिन काश यह टूर्नामेंट इस तरह के विवादों से बच पाता! अब जबकि दूसरे सीजन के लिए काउंट डाउन शुरू हो चुका है तो मुकाबले का नया राउंड भी तैयार है! देखे प्रतिद्वंदिता का यह सिलसिला कहाँ तक जाता है?

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