

जाने होगा क्या?
भारत कुमार ने कमाल कर दिया! अपने आप को बॉलीवुड का किंग कहने वाले शाहरुख़ खान पर 'एक रुपैय्ये' की मानहानि का मुकदमा कर दिया! एक रुपैय्ये की आज हैसियत क्या है? सवाल उठता है कि भारत कुमार ने शाहरुख़ खान पर एक रुपैय्ये का ही दावा क्यो किया?
दरअसल शाहरुख़ ने अपनी ताजा फ़िल्म 'ओम शान्ति ओम' में मनोज कुमार का जमकर मजाक उडाया था! अपना मजाक उडाना तो अच्छी बात है पर दूसरो का मजाक उडाने से बड़ी बेहूदा हरकत दूसरी नही हो सकती! शाहरुख़ खान पहले स्वयं का मजाक भी उडाते थे, लेकिन लगातार मिली सफलताओं ने उनका दिमाग इस स्तर तक चढा दिया कि अब वे उनका मजाक उडाने लगे जो उम्र में उनके बाप के बराबर है! बस मनोज कुमार को गुस्सा आ गया और उन्होंने 'एक रुपये' का दावा ठोक दिया!
इस एक रुपये के पीछे भी एक राज है! अगर मनोज कुमार करोड़- दस करोड़ का दावा करते तो लगता कि उन्होंने ये काम लालच में किया है, जबकि एक रुपैय्ये का दावा करके उन्होंने सिध्द कर दिया कि उन्हें रुपयों की नही अपने आत्म सम्मान की फ़िक्र है! दूसरे मनोज कुमार ने यह भी जता दिया कि उनकी नजर में अपने आप को 'बॉलीवुड का राजा' कहने वाले की औकात एक रुपया है!
दरअसल दिल की लगी बुरी होती है! बात मनोज कुमार के दिल में जाकर लगी! इसीलिए बड़े बुढो ने कहा है कि सफलता मिलने पर आसमान की तरफ़ करके नही थूकना चाहिए! थूक आदमी के अपने चेहरे पर आकर ही गिरता है!
अब अदालत क्या फ़ैसला देगी यह तो भविष्य जाने, पर मनोज कुमार ने एक रुपैय्ये का केस करके उन जुगुनुओ को यह समझा दिया है कि सफलता वही महान होती है जो विनम्रता से ग्रहण की जाए!
विनम्रता का पुतला तो अभिनव बिंद्रा है, जिसने अपने निशाने से सौ करोड़ लोगो का सिर ऊँचा कर दिया, लेकिन उसके चेहरे पर घमंड का नामोनिशान नही है! सफलता तो अमिरीकी तैराक फेलप्स को मिली है जो ओलम्पिक के इतिहास में सबसे ज्यादा सोना जीतने वाले एथलीट बन गए, लेकिन उनके चेहरे पर भी बाल सुलभ अभिव्यक्ति ही नजर आती है!
बड़बोले शाहरुख़ को अब समझ आ गया होगा कि हर मंच से सबकी हँसी उडाना जितना आसान है उतना ही कठिन है लोगो के प्रत्युतर को झेलना! एक रुपैय्या क्या गुल खिलायेगा, इसका आनंद तो आने वाले समय में ही आयेगा! तमाशा देखने को तैयार है!

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