Welcome, Guest   [ Register | Sign In | Take a tour | Adult Filter: On ]

(क्रिकेट) अन्दर की बात ! भाग - 2 (क्रिकेट) अन्दर की बात ! भाग - 2 (क्रिकेट) अन्दर की बात ! भाग - 2 (क्रिकेट) अन्दर की बात ! भाग - 2 (क्रिकेट) अन्दर की बात ! भाग - 2 (क्रिकेट) अन्दर की बात ! भाग - 2


चिट्ठाजगत अधिकृत कड़ी



(नोट - लेख अच्छा लगे या बुरा कृपया टिप्पणी करना न भूले! धन्यवाद !)


गिनती ख़ास है.








स्लेटर की हसरत हुई और ऑस्ट्रेलिया का 356वां क्रिकेटर बन गया.

कई खिलाड़ी किसी ख़ास गिनती के दीवाने होते है! भारत के क्रिकेटर तो इसमे बहुत ज्यादा विश्वास करते है और इसीलिए उनकी जर्सी का नंबर भी बदलता रहता है!
गिनती के सन्दर्भ में सबसे मजेदार किस्सा ऑस्ट्रेलिया के माइकल स्लेटर का है! जब स्लेटर ने 1993 में इंग्लैंड के विरुध्द ओल्ड ट्रेफर्ड में पहला टेस्ट खेला तो उसने पता लगा लिया था कि उससे पहले 355 खिलाड़ी ऑस्ट्रेलिया के लिए टेस्ट खेल चुके है -इसीलिए मान लिया कि वह ऑस्ट्रेलिया के लिए 356वां क्रिकेटर होगा!
यह गिनती उसे इतनी पसंद आई कि टेस्ट खेलने से पहले ही अपने फेरारी का नंबर बदल लिया - बड़ी कीमत देकर 356 नंबर ख़रीदा!इतना ही नही, बाजू पर 356 नंबर का टेटू खुदवा लिया!
टेस्ट शुरू हुआ और औपचारिक तौर पर ऑस्ट्रेलिया बोर्ड ने उसे 357 नंबर का टेस्ट नंबर घोषित किया! असल में उस ओल्ड ट्रेफर्ड टेस्ट के साथ ब्रेंडन जुलियन ने भी खेलना शुरू किया था और इंग्लिश वर्णमाला के अनुसार ब्रेंडन नाम पहले आता है माइकल से - इसीलिए ब्रेंडन नंबर 356 बन गया और माइकल 357 नंबर का टेस्ट क्रिकेटर! माइकल ने सोचा कि चूँकि वह सलामी बल्लेबाज है इसीलिए ब्रेंडन से पहले बल्लेबाजी के लिए जाएगा और उसे टेस्ट नंबर की वरीयता में ऊपर रखा जाएगा!
अब गड़बड़ यह हुई कि स्लेटर का न सिर्फ़ महंगी कीमत पर ख़रीदा गया फेरारी का नंबर ग़लत हो गया, बाजू पर खुदा टेटू भी ग़लत हो गया! बहरहाल ऑस्ट्रेलिया बोर्ड ने उसकी भावनाओं को ध्यान में रखा और ब्रेंडन जुलियन ने उसका नाम पहले लिखने पर आपति नही की - इस तरह स्लेटर 356 नंबर क्रिकेटर बन गया !
यह ऑस्ट्रेलिया के टेस्ट क्रिकेटरों की सूची में अकेली ऐसी मिसाल है जिसमे नाम अंग्रेजी वर्णमाला के अनुसार नही है!
-----------------------------------------------------------------------

पास-पास लेकिन बहुत दूर.











इमरान - जेमिमा की दास्तां.

जनरल परवेज मुशर्रफ की नीतियों का विरोध इमरान और जेमिमा को एक दूसरे के करीब ले आया! बहरहाल ये नजदीकी इस विरोध तक ही सीमित थी!
2004 में दोनों अलग हुए थे और ध्यान देने वाली बात यह है कि इमरान ने उसके बाद से कभी नही बताया की जेमिमा के साथ शादी कामयाब क्यो नही हुई हालांकि जेमिमा उसके लिए न सिर्फ़ इंग्लैंड छोड़ आई थी, इस्लाम धर्म भी अपना लिया था!
इमरान ने अपनी चुप्पी को कुछ दिन पहले तोडा! स्काई न्यूज़ को एक इंटरव्यू में बताया कि जेमिमा चाहती थी कि आगे वे इंग्लैंड में रहे जबकि इमरान के लिए मौजूदा हालात में पाकिस्तान छोड़कर इंग्लैंड में रहना सम्भव नही था! इमरान ने कहा -"इंग्लैंड में रहना मेरे लिए नई बात नही थी क्योकि मै तो 18 साल के ज्यादातर हिस्से में इंग्लैंड में रहा लेकिन तब से हालात बहुत बदल चुके थे!"
इंग्लैंड और पाकिस्तान में रहने का यही विवाद उन्हें एक दूसरे से दूर ले गया!
---------------------------------------------------------------------

सयोग "हेट ट्रिक" का.














हेट ट्रिक धारक 'नुवन जोयस'.

1999-00 में हरारे में श्रीलंका के नुवन जोयस ने जिंबाबवे के विरुद्ध जो हेट ट्रिक बनाई उसमे आउट होने वाले तीनो बल्लेबाज - अपनी पहली गेंद पर आउट हुए तथा तीनो निर्णय स्टीव बकनर ने दिए जो न्यूट्रल एम्पायर थे!








अनोखी हेट ट्रिक 'चेतन शर्मा'.

1987 विश्व कप में न्यूजीलैंड के विरुद्ध नागपुर में चेतन शर्मा की हेट ट्रिक के तीनो विकेट बोल्ड हुए - और भी मजेदार बात यह रही कि रदरफोर्ड का ऑफ़ स्टंप गिरा, स्मिथ का मिडल स्टंप उडा और चैटफिल्ड का लेग स्टंप!